हैंडसम मर्दों की आलमारी में होती है ये चीजें, जानें उनके 4 सीक्रेट्स

हैण्डसम दिखना कौन नहीं चाहता, हर कोई चाहता है कि उनका लुक एकदम हैंडसम हो, उन्हें लड़कियां पसंद करें. लेकिन हैंडसम दिखने के लिए अपने शरीर के साथ-साथ अपने चेहरे, बालों और पर्सनालिटी का भी खास ख्याल रखना पड़ता है.

जो लोग स्मार्ट व गुड लूकिंग होते हैं वे लोग अपने शरीर का अच्छी तरह से ख्याल रखते हैं. यहाँ हम हैण्डसम लोगों की आलमारी में क्या क्या चीजें होती है इस बारे में बताने हैं. जिसे जानकर आप भी हैण्डसम लुक पा सकते हैं और लड़कियों को आसानी से इम्प्रेस कर सकते हैं.

हैंडसम मर्दों की आलमारी में होती है ये चीजें, जानें उनके 4 सीक्रेट्स

1. फेसवाश –

फेसवाश चेहरे की तैलीयपन को दूर करती है और त्वचा में चमक पैदा करती है. इसलिए चमकती चेहरा के लिए फेसवाश सबसे जरूरी चीज है. यह लगभग सभी पुरुषों के आलमारी में होता है और कई लोग तो साथ लेकर घुमते हैं.

2. क्रीम व पाउडर –

क्रीम व पाउडर चेहरे की दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाती है. अगर चेहरे में दाग-धब्बा हो गया हो तो क्रीम-पाउडर लगाने से यह छुप जाता है. इसलिए हैण्डसम पुरुष क्रीम-पाउडर भी अपने आलमारी व पर्स में जरुर रखता है.

3. कंघी व दर्पण –

एक परफेक्ट लूकिंग के लिए चेहरे के साथ-साथ बालों की सुन्दरता पर भी ध्यान देना चाहिए. बालों की उजड़े होने से आपकी चेहरे की सुन्दरता पर काफी असर पड़ता है. इस कारण हैण्डसम मर्द अपने आलमारी में कंघी व दर्पण रखता है ताकि बालों को सही तरीके से लिपटा सके.

4. परफ्यूम –कभी-कभी पसीने की वजह से शरीर से बदबू आने लगती है जो कि बहुत शर्मिंदगी वाली काम है. इसलिए गुड पर्सनालिटी के लिए परफ्यूम भी बहुत ही कारगर चीज है. यही वजह से है कि हैण्डसम लोग अपने आलमारी में परफ्यूम रखना नहीं भूलते.

गौमूत्र से कैंसर का हो सकता है सफाया, जान लें इसे इस्तेमाल करने की विधि

कैंसर जो कि गंभीर बीमारी है और इससे बचना लगभग मुश्किल रहता है. चिकित्सा विज्ञान की एक रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन पांच प्रतिशत लोग ही कैंसर बीमारी से ठीक हुए हैं और बाकि 95 प्रतिशत कैंसर पीड़ित लोगों की मौत हुई है. इस बीमारी को चार स्टेज में बांटा गया है. जिनकी कैंसर चौथी स्टेज यानि अंतिम स्टेज में जा चुकी होती है उनका बच पाना लगभग असंभव होता है.

जिन लोगों में कैंसर का लक्षण जैसे ही नजर आता है उन्हें गौमूत्र का सेवन करना चाहिए. प्रथम स्टेज में ही गौमूत्र अपना असर दिखाती है और कैंसर को मात देती है. लेकिन अगर कैंसर प्रथम स्टेज से ज्यादा पहुँच चुकी है तो गौमूत्र के साथ-साथ सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा लेना जरूरी होता है. यहाँ हम कैंसर में गौमूत्र का इस्तेमाल कैसे करें इस बारे में बताने वाले हैं.

गौमूत्र से कैंसर का हो सकता है सफाया, जान लें इसे इस्तेमाल करने की विधि

आवश्यक सामग्री व तैयार करने की विधि –

कैंसर से छुटकारा पाने के लिए गौमूत्र का उपयोग करना है तो हमें इसके साथ – साथ हल्दी की भी जरूरत होगी. इसे तैयार करने के लिए 200 मिली. देशी गाय का गौमूत्र को किसी बर्तन में छानकर रख दें और इसमें दो छोटा चम्मच हल्दी मिला दें. अब इसे अच्छी तरह उबालें और प्राप्त मिश्रण को बोतल में भरकर रख दें.

ऐसे करें इस्तेमाल –

बोतल में भरकर रखे गए मिश्रण को रोज एक-एक ढक्कन दिन में तीन बार यानि सुबह खाली पेट, दोपहर खाली पेट और शाम को खाली पेट करना है. ऐसा करने से प्रथम स्टेज की कैंसर से छुटकारा पाया जा सकता है.

इस प्रकार ये तो रही कैंसर से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय के बारे में. कैंसर में इसका इस्तेमाल करने के साथ-साथ चिकित्सकीय उपचार भी करवाते रहना चाहिए.

आजकल के युवा इस गंभीर बीमारी के हैं शिकार, ऐसे रहें सावधान

वर्तमान युग डिजिटल का युग है और आज के इस युग में कई सारी टेक्नोलॉजी सिस्टम का अविष्कार हुआ है. इसी में से स्मार्टफोन सबसे अहम है, जिसका लत लगभग सभी युवा को पड़ चुके हैं. स्मार्टफोन का सही तरीके से प्रयोग किया जाए तब ठीक है वरना शरीर में कई सारी तकलीफें पैदा कर देती है.

इन्ही तकलीफों में से गर्दन का दर्द सबसे मुख्य है. दरअसल स्मार्टफोन को गलत तरीके से पकड़कर उपयोग करने से गर्दन में दर्द होता है. जब स्मार्टफोन को नीचे रखकर गर्दन झुकाकर स्मार्टफोन चलाते हैं तो गर्दन के साथ-साथ दिमागी समस्या भी हो जाता है. यहाँ हम इसी समस्या से छुटकारा पाने के उपाय के बारे में बताने वाले हैं.

आजकल के युवा इस गंभीर बीमारी के हैं शिकार, इस प्रकार रहें सावधान

1. स्मार्टफोन और आंख की पोजीशन सही हो –

गर्दन दर्द की समस्या से छुटकारा पाना है तो स्मार्टफोन और आंख की पोजीशन सही रखें अर्थात् स्मार्टफोन आँखों के एकदम नजदीक नहीं रखना चाहिए और आँखों से करीब 30 सेमी. दूरी पर होना चाहिए. इस दौरान स्मार्टफोन को इतना ऊपर पर रखें कि बिना सिर झुकाएं आसानी से स्मार्टफोन का उपयोग किया जा सके.

2. कम करें स्मार्टफोन का प्रयोग –

ज्यादा स्मार्टफोन का प्रयोग करने की वजह से गर्दन दर्द की समस्या है तो इसकी उपयोगिता को थोड़ी कम कर दो. समय-समय पर और जब जरूरत हो तभी उपयोग करें अन्यथा इस पर फालतू के समय बर्बाद न करें.

क्या बार बार मुंह में छाला होना कैंसर का संकेत हैं, जानिए इसकी सच्चाई

इन दिनों सोशल मीडिया पर या अन्य कई न्यूज़ पोर्टल पर इस तरह का आर्टिकल खूब वायरल हो रहा है, जिसमें यह बताया जाता है कि मुंह में बार – बार छाला होना कैंसर का लक्षण है. लेकिन क्या इस आर्टिकल में बताया जा रहा जानकारी सही हैं या नहीं, जानने के लिए हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें.

वैसे तो मुंह में बार-बार छाले होने की समस्या अधिकतर लोगों को रहती है, तो ऐसे में क्या वे लोग भी कैंसर की जद में होने वाले हैं. इस तरह की जानकारी पर विश्वास करने से पहले एक बार हमें जाँच-पड़ताल कर लेनी चाहिए. यहाँ हम इस जानकारी की सच्चाई के बारे में बताने वाले हैं कि बार-बार मुंह में छाला होना कैंसर का संकेत है कि नहीं.

क्या बार बार मुंह में छाला होना कैंसर का संकेत हैं, जानिए इसकी सच्चाई

बार-बार छाले होने के कारण –

इसकी सच्चाई जानने से पहले यह जान लेते हैं कि आखिर बार-बार मुंह में छाले क्यों होते हैं. यह समस्या पेट सम्बन्धी बीमारी, पाचन तंत्र कमजोर होना, पेट साफ न होना, गलत खानपान आदि की वजहों से होता है. अगर आप हमेशा मसालेदार व तैलीय खाना या बहुत ज्यादा गर्म खाना खाते हैं और कम पानी पीते हैं तो मुंह में बार-बार छाला होना लाजमी है.

क्या छाला होना कैंसर का संकेत है –

इसका जवाब है जी नहीं. बार-बार मुंह में छाला होना आपकी गलत दिनचर्या की वजह से होती है. अगर आप तम्बाकू व गुटका का सेवन करते हैं तो मुंह की कैंसर हो सकती है लेकिन यह जब एक बार शुरू होती है तो इसका खत्म होना बहुत मुश्किल है. जबकि मुंह का छाला होता है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है जो कि कैंसर का लक्षण नहीं हो सकता.

अगर मुंह का छाला लम्बे दिनों तक रहे और आप गुटका व तम्बाकू खाते हैं तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. इस स्थिति में आपको तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए अन्यथा यह बीमारी और अधिक बढ़ जाएगी.

ये है महिलाओं के लिए बच्चे पैदा करने की सही उम्र, नहीं होगी किसी भी तरह की परेशानी

वर्तमान में शिक्षा के युग में अधिकतर महिलाएं अपने करियर और प्रेगनेंसी को लेकर चिंतित रहती है. वे चाहती है कि कोई-सा भी जॉब मिलने के बाद ही गर्भवती होने के बारे में सोचें. ताकि गर्भवती के बाद अपना करियर संभाल सकें. ऐसे में महिलाओं के मन में यह भी सवाल रहता है कि बच्चा पैदा करने की सही उम्र क्या हो सकती है, कहीं ज्यादा देर होने पर वह मां बन सकती है कि नहीं.

आपकी यह सोच बिलकुल सही है क्योंकि एक निश्चित उम्र तक ही माँ बनने की सुख भोगा जा सकता है और इस उम्र के बाद प्रजनन क्षमता कमजोर हो जाती है और गर्भवती होने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. आखिर क्या है गर्भवती होने की सही उम्र, इन्ही सवालों का जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से देने जा रहे हैं.

ये है महिलाओं के लिए बच्चे पैदा करने की सही उम्र, नहीं होगी किसी भी तरह की परेशानी

डॉक्टरों के अनुसार महिलाओं में गर्भावस्था का सही समय 20 से 30 उम्र है. इस उम्र में वह बिलकुल स्वस्थ रहती है और उनकी प्रजनन क्षमता मजबूत रहती है. इस उम्र की महिलाएं जल्दी प्रेग्नेंट हो सकती है क्योंकि प्रेग्नेंट होने के लिए जरूरी हार्मोन्स इसी दौरान परिवर्तित होते रहते हैं और उनके अन्दर शिशु पलने के लिए उचित वातावरण मिलता है.

क्या 30 की उम्र के बाद गर्भवती हो सकती है ?अमेरिका मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के मुताबिक 30 उम्र के बाद महिलाओं की प्रजनन क्षमता लगातार कम होती जाती है और उनमें स्वस्थ अंडाणु का निर्माण स्तर घट जाता है. इस अध्ययन में पाया कि अधिकतर 30 वर्ष से अधिक की महिलाएं फर्टिलिटी ट्रीटमेंट अपनाया है और कुछ महिलाएं सीजेरियन ऑपरेशन से मां बनी है.

तेज काम करने वालों की होती है याददाश्त कमजोर, जानिए इसे मजबूत बनाने के उपाय Original

याददाश्त आपकी व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है. एक अच्छा और सटीक याददाश्त को आपके पर्सनालिटी डेवलपमेंट से भी जोड़कर देखा जाता है. कमजोर याददाश्त से आपको कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे लोग नौकरी करते समय अपना सही प्रदर्शन नहीं कर पाते व पढ़े हुए वाक्य जल्दी भूल जाते हैं.

एक रिसर्च में कहा गया है कि जो लोग अपना काम काफी फास्ट करते हैं उन लोगों की याददाश्त कमजोर होती है. इसलिए किसी भी काम को एकाग्र रूप से और धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि आपकी याददाश्त स्थिर रहे. यहाँ हम याददाश्त मजबूत बनाने के उपाय बताने वाले हैं.

तेज काम करने वालों की होती है याददाश्त कमजोर, जानिए इसे मजबूत बनाने के उपाय

1. एकाग्रता से करें काम –

आपके साथ भी यह हुआ होगा कि घर की दरवाजा की कुण्डी लगाने के बाद भी उसे दोबारा चेक करते हैं कि कुण्डी लगाया है या नहीं. अगर आपके साथ यह बार-बार होता है तो समझो आपकी याददाश्त कमजोर है. इस स्थिति में किसी भी काम को एकाग्रता से और आराम से करें. आप जो भी कर रहे हो उसे दिमाग में बसाए रखें.

2. प्राणायाम करें व खानपान में ध्यान दें –

याददाश्त को मजबूत बनाने के लिए प्राणायाम सबसे अच्छा उपाय है. रोज सुबह उठकर भ्रामरी प्राणायाम, त्राटक प्राणायाम करने से दिमाग एकाग्र बनता है और याददाश्त मजबूत होती है. इसके अलावा मसालेदार जैसी चीजें खाने से बचें, ऐसे चीजों के सेवन से मन की शांति भंग होती है.

भुट्टा खाने वाले इसके फायदे और नुकसान जरुर जान लें, जानने के लिए इसे पढ़ें

बारिश के मौसम में भुट्टा खाने का अपना अलग ही मजा है. बारिश का मौसम हो और भुट्टे को अंगार में भुनकर और उस पर नीम्बू नमक का लेपकर खाने से वह भरपूर स्वादिष्ट हो जाता है. वैसे तो भुट्टा में विटामिन ए और अन्य कई पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं, इस लिहाज से इसे बहुत फायदेमंद माना जाता है.

लेकिन हर फायदेमंद चीज की कोई न कोई नुकसानदायक गुण भी होती है. यहाँ हम भुट्टा खाने से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में बताने वाले हैं ताकि अगली बार भुट्टा खाएं तो थोड़ा संभलकर.

भुट्टा खाने वाले इसके फायदे और नुकसान जरुर जान लें

भुट्टा खाने के फायदे –

यह खाने से फायदे अधिक और नुकसान बेहद ही कम है. भुट्टा खाने एनीमिया की बीमारी दूर होती है. इसके अलावा इससे ख़राब कोलेस्ट्राल में सुधार होता है. दुबले पतले लोगों के लिए भुट्टा ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि भुना हुआ भुट्टा खाने से शरीर का वजन बढ़ता है. भुना भुट्टा प्राथमिक कैंसर को ख़त्म कर सकता है.

भुट्टा के नुकसान –

वैसे तो भुट्टा के बहुत ही कम यानि नहीं के बराबर नुकसान है. इसे उन लोगों को नहीं खाना चाहिए जो मोटे हैं और जिनका वजन जरूरत से ज्यादा है क्योंकि भुट्टा खाने से वजन बढ़ता है और मोटापा की समस्या हो सकती है. इसके अलावा कभी-कभी उल्टी और गले में खराश भी होती है. यह शुगर लेवल को बढ़ाता है, इसलिए शुगर पीड़ित लोगों के लिए यह ज्यादा हानिकारक है.

लिवर को खराब होने से बचाना है तो आज ही से शुरू कर दें यह काम

लिवर यानि मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग. यह शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रिया को संपन्न करता है. जैसे – मनुष्य द्वारा ग्रहण किए गए आहार से पौष्टिक तत्व को अलग करना, रक्त को साफ करना व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये रखना आदि.

लिव कई गतिविधि से खराब हो सकता है, जिसमें से शराब पीना सबसे मुख्य है. इसके अलावा धूम्रपान करने से, दवाइयों की अत्यधिक सेवन, कम पानी पीने से आदि. लिवर में खराबी का लक्षण बहुत देर से पता चलता है. यहाँ हम लिवर को खराब होने से बचाने के कुछ जरूरी टिप्स बताने जा रहे हैं.

लिवर को खराब होने से बचाना है तो आज ही से शुरू कर दें यह काम

1. नशीली चीजों के सेवन से बचें –

नशीली चीजों का सेवन लिवर के खराब होने का मुख्य कारण है. इसलिए इन चीजों के सेवन से बचना ही लिवर को स्वस्थ बनाएं रखने का सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है.

2. खट्टे पदार्थ न खाएं –

खट्टा चीजों से रक्त फ़िल्टरीकरण मुश्किल होता है और इस वजह से लिवर पर इसके कुछ बेकार पदार्थ शेष रह जाते हैं जो लिवर को धीरे-धीरे खराब करते जाता है. खट्टे पदार्थ में इमली का पानी ही ज्यादा हानिकारक होता है.

3. दवाइयों का सेवन कम करें –अगर आप एलोपैथी दवाइयों का सेवन करते रहते हैं तो इसे ना के बराबर करें. इस तरह के दवाइयों का सेवन केवल आपातकाल की स्थिति में करें. बाकि समय आयुर्वेदिक औषधि को अपनाएं.

ये तीन काम करने से आपको कभी नहीं होगा ब्रेन स्ट्रोक

ब्रेन स्ट्रोक यानि बोलचाल की भाषा में कहा जाए तो दिमागी लकवा. ब्रेन स्ट्रोक मस्तिष्क के नस ब्लॉक हो जाने की वजह से होता है. जब मस्तिष्क का नस ब्लॉक होता है तो मस्तिष्क में ओक्सीजन सप्लाई रुक जाता है, इस कारण महत्पूर्ण कोशिका मर जाता है. कभी-कभी इस स्थिति में मस्तिष्क के नस फट जाती है. ब्रेन स्ट्रोक होने पर मनुष्य बेहोश हो जाता है.

यह बेहद गंभीर बीमारी है और ब्रेन स्ट्रोक होते ही तुरंत चिकित्सकीय इलाज करवाना चाहिए. तुरंत उपचार मिलने से मरीज की जान बच सकती है वरना ज्यादातर स्थिति में मृत्यु ही होती है. फिर भी आधुनिक चिकित्सा के कारण पहले की तुलना में आजकल कम मृत्यु होती है. यहाँ ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं.

ये तीन काम करने से आपको कभी नहीं होगा ब्रेन स्ट्रोक

1. ब्लडप्रेशर को कंट्रोल में रखना –

अधिकतर ब्रेन स्ट्रोक हाई ब्लडप्रेशर की वजह से होता है. इसलिए आप चाहते हैं कि आपको यह बीमारी कभी न हो तो ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें. इसके लिए खाने में नमक और शक्कर का उपयोग कम करें.

2. कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करें –

शरीर में कोलेस्ट्रोल और वसा बढ़ने से हार्ट अटैक के साथ-साथ ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा रहता है. ऐसे में जरूरी है कि शरीर में कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करें. इसके लिए भोजन में रीफाइंड तेल का इस्तेमाल न करें बल्कि शुद्ध व गाढ़ा तेल का प्रयोग करें.

3. ज्यादा चिंता से बचें –अत्यधिक चिंता करना और मानसिक तनाव भी ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है. इसलिए इससे बचने के लिए रोजाना प्राणायाम करें और शांत दिमाग से काम लें. रोज सुबह टहलें और इस दौरान प्रकृति के आवाजों को सुनने की कोशिश करते रहें.

पेट में गैस बनने की समस्या से तुरंत राहत पाना चाहते हैं तो जरुर अपनाएं ये बेहतरीन उपाय

पेट में गैस बनना पेट संबंधी कई बीमारियों को न्यौता देता है. अगर इसके समय रहते इलाज न किया जाए तो बाद में यह गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है क्योंकि पेट संबंधी रोग देर से पता चलता है. वैसे तो पेट में गैस बनना कई कारणों की वजह से हो सकता है, जैसे – खट्टे चीज खाने से, मसालेदार भोजन करने से, शरीर में पानी की कमी या ज्यादा खाना खाने से.

जब खाया हुआ भोजन को पाचन तंत्र ठीक तरह से नहीं पचा पाता तब पेट में गैस बनने लगती है और कभी-कभी यह गैस गन्दी बदबू के रूप में मुंह तरफ से आने लगती है. इसके अलावा पेट में गैस बनने से पेट दर्द, जलन, खट्टा डकार आना आदि समस्या हो जाती है. यहाँ हम पेट में गैस बनने की समस्या से छुटकारा पाने के उपाय बताने जा रहे हैं.

पेट में गैस बनने की समस्या से तुरंत राहत पाना चाहते हैं तो जरुर अपनाएं ये बेहतरीन उपाय

1. नमक और नीम्बू पानी –

पेट में गैस बनते ही एक गिलास नीम्बू पानी में आधा चम्मच नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें और इसे धीरे-धीरे पी लें. ऐसा करने पर कुछ ही समय में पेट में गैस बनने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है.

2. दालचीनी और शहद –एक गिलास पानी में आधा चम्मच दालचीनी और एक चम्मच शहद मिलाकर उबाल लें और इस मिश्रण को पीएं. इस उपाय से पेट में गैस बनने की समस्या से तुरंत राहत मिलती है.