इस चीज को जलाने के बाद आपके घर में नहीं घुसेगा मच्छर, जानिए यहाँ

इन दिनों बारिश का मौसम है और गली-मोहल्लों में गड्ढों या नालियों में पानी जमा रहता है. गंदे पानी के जमाव की वजह से मच्छर पनपते हैं और शाम होते ही घर में प्रवेश करते हैं. घर में घुसकर मच्छर लोगों को कांटता है जिससे मलेरिया जैसी बीमारी होती है, इसके अलावा काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि मच्छरों को भगाने के लिए जरूरी उपाय किया जाए ताकि हम अपने घरों में चैन से रह सकें. यहाँ हम मच्छर भगाने के लिए जलाए जाने वाले कुछ चीज के बारे में बताने वाले है, जिससे आसानी से मच्छरों से छुटकारा पाया जा सकता है.

इस चीज को जलाने के बाद आपके घर में नहीं घुसेगा मच्छर

तेज पत्ता –

वैसे तो तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है. इससे भोजन स्वादिष्ट और खुशबूदार बनती है. लेकिन इसकी यही खुशबू मच्छरों के लिए काफी खतरनाक होता है. तेज पत्ते के सुगंध से ही मच्छर तुरंत दूर भागने लगते हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल –मच्छर भगाने के लिए तेज पत्ता का इस्तेमाल करने के लिए किसी मिट्टी के बर्तन में तेज पत्ता रखकर इसे जला दें. ध्यान रहें तेज पत्ते को जलाने से पहले इसमें पानी छिड़ककर नमीं कर दें, ऐसा करने से धुंआ ज्यादा निकलेगा और मच्छर भागेंगे.

सिर्फ दो हफ्ते में शरीर बन जाएगा फौलाद, बस आपको करना होगा यह काम

किसी भी इन्सान की पर्सनालिटी में उसका फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मोटापा से तो पर्सनालिटी पर उतना असर नहीं पड़ता जितना की दुबलेपन पर पड़ता है. शरीर के दुबलेपन को लोगों द्वारा नकारात्मक नजरिये से देखा जाता है, जिससे उनका आत्मविश्वास स्तर घटता है और वह अपने आप को कमजोर महसूस करता है.

ऐसे में जरूरी है कि दुबलेपन से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय किया जाए ताकि हमारा आत्मविश्वास बना रहे. यहाँ हम दुबले से छुटकारा पाने के बेहतरीन उपाय बताने वाले हैं. जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें.

सिर्फ दो हफ्ते में शरीर बन जाएगा फौलाद, बस आपको करना होगा यह काम

क्या करें –

सिर्फ दो हफ्ते में शरीर का दुबलेपन को गायब करने के लिए रोजाना सुबह और शाम केला, शहद और दूध का सेवन करना होगा. केला शरीर का वजन बढाता है, इसी प्रकार शहद पेट सम्बन्धी सभी बीमारी को दूर कर पाचन तंत्र को मजबूत करता है और दूध शरीर को तंदरुस्त बनाए रखता है.

ऐसे करें इस्तेमाल –एक गिलास दूध में दो केले को अच्छी तरह पिचककर डालें और इसमें दो चम्मच शहद दाल दें. अब इसे मिक्सर की मदद से या चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिलाकर इसका घोल तैयार कर लें. अब इस घोल को रोजाना सुबह और शाम खाना खाने के एक घंटे बाद पीएं. ऐसा करने से आपके शरीर का वजन अचानक से बढ़ने लगेगा.

पेट को अच्छी तरह साफ करता है आपकी ये 2 आदतें

अधिकतर लोग अपनी व्यस्तता के कारण अपने शरीर का खास ध्यान नहीं रख पाता. जिसकी वजह से वह कई बीमारी से ग्रसित हो जाता है जैसे – कब्ज, मोटापा आदि. इसमें कब्ज होना प्रमुख समस्या है जिसमें शौच करते समय पेट ठीक से साफ़ नहीं होता है और दिनभर बेचैनी-सी महसूस होती रहती है.

पेट साफ न होने की वजह से कई सारे बीमारियाँ होने की संभावना रहती है. ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि पेट को साफ करने के लिए आवश्यक उपाय किया जाए. यहाँ हम कुछ ऐसी आदतें के बारे में बताने वाले हैं जिसे फॉलो करके पेट को अच्छी तरह साफ़ किया जा सकता है.

पेट को अच्छी तरह साफ करता है आपकी ये 2 आदतें

1. सुबह गर्म पानी पियें –

रोज सुबह उठकर दो से तीन गिलास गर्म पानी से पेट अच्छी तरह साफ़ होता है और भी बहुत सारे रोगों से छुटकारा दिलाता है. गर्म पानी हमेंशा मुंह धोने से पहले ही पीना चाहिए ताकि मुंह में एकत्रित लार आपकी अमाशय में चली जा सके.

2. केला और दही का सेवन –

केला कब्ज जैसी अनेक बिमारियों को दूर करता है और दही में उपस्थित बैक्टीरिया पेट की खराब बैक्टिरियाको नष्ट करती है. इसलिए पेट साफ करने के लिए रोजाना सोने से पहले दो केला और आधा गिलास दही का सेवन करने की आदत डालें.

इस प्रकार ये तो रही पेट साफ़ करने के लिए अपनाए जाने वाले दो महत्वपूर्ण आदतें के बारे में जानकारी.

बवासीर होने पर ऑपरेशन कराना जरूरी है या नहीं, जानिए यहाँ

आजकल बवासीर होना एक सामान्य बात हो गया है. इसका प्रमुख कारण है मसालेदार भोजन और कम पानी पीना. खानपान में गड़बड़ी की वजह से बवासीर हो जाती है, जिससे कई लोग काफी डर जाते हैं. देखा जाए तो यह कोई बड़ी बीमारी नहीं है बशर्ते इसका सही समय में इलाज कराया जाए. अगर इसके इलाज में देरी करें तो यह भगंदर का रूप ले लेता है.

यह देखा गया है कि बवासीर के शुरूआती लक्षण में ही लोग डरकर डॉक्टर के पास जाने से हिचकिचाते हैं कि कहीं उनका ऑपरेशन न कर दें. अधिकतर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बवासीर होने पर ऑपरेशन कराना जरूरी है क्या. क्या बिना ऑपरेशन कराए बवासीर को ठीक किया जा सकता है. आइये जानते हैं इन सबका जवाब.

बवासीर होने पर ऑपरेशन कराना जरूरी है या नहीं

स्थिति पर निर्भर – बवासीर होने पर ऑपरेशन कराना है या नहीं यह तो उसके स्थिति पर निर्भर करता है कि बवासीर के मस्से कितने बड़े हो चुके हैं. अगर शुरूआती लक्षण में इलाज कराएं तो इसके लिए ऑपरेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि यह क्रीम से ठीक हो जाता है. शुरुआत में मस्से बहुत छोटे होते हैं जिसे क्रीम लगाकर नष्ट किया जा सकता है.

लेकिन अगर इसके मस्से बहुत बड़े हो चुके हैं तो ऑपरेशन के अलावा कोई उपाय नहीं है. बड़े हो चुके मस्से क्रीम या कोई भी दवा से ठीक नहीं होता, इसे ऑपरेशन करके अलग किया जाता है फिर लगातार इसका इलाज किया जाता है.

इस प्रकार बवासीर का लक्षण दिखाई देते ही तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित इलाज कराना चाहिए ताकि बाद में होने वाले तकलीफों से बचा जा सकें.

इस समय भूलकर भी नहीं खाने चाहिए अंडे, हो सकता है जानलेवा

वैसे तो अंडे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसमें प्रोटीन, विटामिन सी, कैल्शियम और भी कई सारी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसके सेवन से शरीर मजबूत बनता है व मांसपेशियां बढ़ती है. परन्तु हर चीज का खाने का अपना अलग-अलग समय होता है, वह हर समय फायदेमंद नहीं हो सकता.

इसी तरह अंडे भी हर समय फायदेमंद नहीं होता, कुछ ऐसे समय है जब अंडा जानलेवा भी बन सकता है. यहाँ हम बताने वाले हैं कि किस समय अंडा हानिकारक होता है इस बारे में जानकारी.

इस समय भूलकर भी नहीं खाने चाहिए अंडे, हो सकता है जानलेवा

1. अस्थमा में –

अस्थमा बीमारी में पीड़ित को साँस लेने में परेशानी, जल्दी थकान महसूस होना, धड़कन का तेज धड़कना आदि समस्या रहती है. इस दौरान प्रोटीनयुक्त खाना नहीं खाना चाहिए चूँकि अंडे में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है. इसलिए अस्थमा होने पर अंडे का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है.

2. एसिडिटी होने पर –एसिडिटी होने पर पेट फूलने लगता है व खट्टी डकार भी हो सकता है. अंडे खाने से पेट में गैस बनती है क्योंकि वसा तत्व मौजूद रहता है. ऐसे में एसिडिटी के समय अंडा खाना नुकसानदायक होता है.

MORE-शरीर में कमजोरी होने के ये हैं प्रमुख कारण, जानिए यहाँ

शरीर में कमजोरी होने के ये हैं प्रमुख कारण, जानिए यहाँ

आजकल विज्ञान के तरक्की करने की वजह से इंसान बहुत आलसी हो गया है, जिसका दुष्परिणाम उसके स्वास्थ्य पर पड़ता है. आलसी और एक जगह पर बैठने वाले काम करने की वजह से शरीर में मोटापा की समस्या हो जाती है अथवा गलत खानपान की वजह से शरीर दुबलेपन का शिकार हो जाता है और कमजोरी आने लगती है.

शरीर में कमजोरी होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन जो प्रमुख कारण है उसे यहाँ पर बताने वाले हैं. तो आइए जानते हैं शरीर में कमजोरी होने के प्रमुख कारणों के बारे में जानकारी.

शरीर में कमजोरी होने के ये हैं प्रमुख कारण

1. विटामिन डी की कमी –

शरीर में विटामिन डी की कमी से इन्सान में आलस और कमजोरी पैदा हो जाती है. लगातार बंद कमरे में रहने और बादली मौसम की वजह से शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है. सुबह के वक्त सूर्य की किरणों का ताप लेने से शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है.

2. तनाव लेने से –किसी प्रकार की चिंता या मानसिक तनाव होने से शरीर कमजोर हो जाता है. मानसिक तनाव के दौरान इन्सानी शरीर में होर्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है. जिसके कारण शरीर का विकास नहीं हो पाता और कमजोर हो जाता है.

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क्या होगा अगर केला खाने के बाद पानी पी लें, जानिए यहाँ

जैसा कि आप सब जानते होंगे कि केला बहुत ही पौष्टिक फल है, इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और विटामिन्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. केला को किसी भी मौसम में खाएं, कभी भी नुकसानदायक नहीं होता. हां लेकिन केला खाने से पहले इसकी शुद्धता की जाँच जरुर कर लेना चाहिए, छिलके पर दाग लगे हुए हो तो इसे न खाएं.
वैसे तो केला खाने से पहले इसके नियमों का पालन करना चाहिए. चाय पीने के बाद कभी भी केला नहीं खाना चाहिए, इसी प्रकार केला खाने के बाद ठन्डे पानी नहीं पीना चाहिए. परन्तु सुबह केला खाने के बाद गर्म पानी पीना फायदेमंद होता है. आइये जानते हैं केला खाने के बाद गर्म पानी पीने के फायदे.

क्या होगा अगर केला खाने के बाद गर्म पानी पी लें, जानिए यहाँ

1. आलसीपन होगा दूर -केला में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को उर्जा प्रदान करती है, जिससे आलसीपन दूर होता है और किसी भी कार्य को अच्छे से कर पाते हैं.

2. मानसिक तनाव से छुटकारा -रोज सुबह खाली पेट दो केला खाकर एक गिलास गर्म पानी पीने से शरीर फ्रेश रहता है, जिसकी वजह से मानसिक तनाव होने की संभावना ही नहीं रहता. केले में उपस्थित पोषक तत्व मस्तिष्क में ऑक्सीजन संचार करता है, जिससे हम तरोताजा महसूस करते हैं.

3. पेट की बीमारी होगा छूमंतर -पेट सम्बन्धी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए केला सबसे फायदेमंद फल है. सुबह केला खाकर गर्म पानी पीने से पेट की सारी बीमारी से मुक्त हो सकते हैं.

MORE-केला कब नुकसानदायक होता है, एक बार जरुर पढ़ें

केला कब नुकसानदायक होता है, एक बार जरुर पढ़ें

फलों में केला एक ऐसा फल है जिसमें कई फायदेमंद पोषक तत्व मौजूद होता है. आश्चर्य वाली बात यह है कि केला मोटापा दूर करने के लिए भी और दुबलेपन से निजात पाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. केला के छिलके मोटापा से छुटकारा दिलाता है तथा इसके अन्दर का भाग दुबलेपन से राहत देता है.

केला जो सालभर हर मौसम में उपलब्ध रहता है क्योंकि यह कभी भी नुकसानदायक नहीं होता. बशर्ते इसे कब खाएं और किस उम्र में न खाएं इसका खास ध्यान रखना होता है. यहाँ हम बतायेंगे कि केला को कब नहीं खाना चाहिए, इस बारे में जानकारी.

इस समय भूलकर भी नहीं खाना चाहिए केले, वरना हो सकता है नुकसान

1. मोटापा होने पर –

केला खाने से दुबला शरीर मोटा होता है, अगर पहले से ही मोटापा है तो केला का सेवन नहीं करना चाहिए. हाँ इस स्थिति में केले के छिलके का सेवन किया जा सकता है, इससे फायदा होगा कोई नुकसान नहीं होगा.

2. पाचन की समस्या होने पर –

केला जो कि पाचन तंत्र द्वारा इसे देर पचाया जाने वाला खाद्य पदार्थ है. ऐसे में अगर पचने की समस्या हो या पाचन तंत्र गड़बड़ हो तो केले का सेवन न करें अन्यथा एसिडिटी व गैस की समस्या हो सकती है.

3. बुढ़ापे में –इंसानी शरीर की उम्र ज्यादा होने पर उसका पाचन तंत्र भी धीरे काम करने लगता है, इस स्थिति में जल्दी पचने वाले खाना खाने चाहिए. चूंकि केला देर से पचने वाला फल है इसलिए बुढ़ापे में केले का सेवन कम करें या फिर नहीं करें.

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ज़मीन पर सोने के फायदे जानकर बिस्तर पर सोना छोड़ देंगे आप, जरूर पढ़े

पहले के ज़माने में जहाँ ज़मीन पर बैठ कर ही सारे काम निपटाए जाते थे वहीँ आज ज़मीन पर बैठने को अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में जब दिन भर की मेहनत के बाद आप अपने नरम मुलायम बिस्तर पर लेटते है तो एक मीठी और अच्छी नींद के साथ-साथ शरीर के आराम की भी आस लगाते है, लेकिन आपको ये जान कर हैरानी होगी कि, इन्हीं गद्दीदार नरम बिस्तरों के कारण आपकी सेहत को नुकसान पहुँचता है और आपको डॉक्टर के पास जाना ही पड़ता है कभी कमर दर्द तो कभी गर्दन दर्द को लेकर। लेकिन इस मुश्किल का हल आप ज़मीन पर सो कर ही जान सकते है। तो चलिए, आज हम आपको बताते है ज़मीन पर सोने के हैरान कर देने वाले फ़ायदे।

कमर दर्द में राहत :

कमर दर्द आजकल एक आम समस्या हो गयी है जो किसी भी उम्र में अपनी दस्तक दे देती है। अगर आप भी कमर के इस दर्द से हैरान परेशान है तो ज़मीन पर सोने की आदत डालिये और अपने शरीर की क्षमता के अनुसार ज़मीन पर लेटना शुरू कीजिये। ऐसा करने से आपको कमर दर्द में राहत महसूस होने लगेगी।

कंधों और गर्दन के दर्द में आराम :

कंधों और गर्दन में दर्द रहने के कई कारण हो सकते है जैसे लगातार कंप्यूटर पर काम करना, झुक कर चलना, सही पोजीशन में नहीं बैठना और सोने का ग़लत तरीका होना। इनमें से कोई भी मुश्किल का सामना अगर आप भी कर रहे हैं तो अपने कंधों को सीधा करने और गर्दन और कंधों को आराम पहुंचाने के लिए ज़मीन पर सोना शुरू कीजिये।

रक्त का सही संचार :

अगर आप चाहते है कि, आपके शरीर में रक्त का संचार सही तरीके से होता रहे तो ज़मीन पर सोने का विकल्प आज़माइये। ऐसा करने से शरीर और दिमाग का तालमेल सही रहता है और आपकी सेहत दुरुस्त होती है।

तनाव से दूरी :

दिन भर की थकान और तनाव को दूर करने का बेहतरीन तरीका है ज़मीन पर सोना। क्यूँकि ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है, मन खुश रहता है और तनाव के साथ थकान भी दूर हो जाती है।

अनिद्रा का समाधान :

अगर आपको थकने के बाद भी अच्छी नींद नहीं आ पाती है तो आप ज़मीन पर सोना शुरू कीजिये। ऐसा करके आप एक बढ़िया नींद ले सकेंगे और उठने पर थकान और सिर दर्द की बजाये सुबह की ताज़गी महसूस करेंगे।

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लौंग का तेल-

कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि लौंग के तेल की महक से मच्छर दूर भागते हैं। लौंग के तेल को नारियल तेल में मिलाकर त्वचा पर लगाएं, इसका असर ओडोमॉस से कम नहीं होगा।

नीम का तेल-

अमेरिका की नेशनल रिसर्च काउंसिल ने भी अपने शोध में माना है कि नीम का तेल किसी भी रिपेलेंट से अधिक प्रभावी है। इतना ही नहीं, इसका पेड़ लगाने से भी मच्छर कम आते हैं।

अजवाइन पाउडर-

एक थाई शोध के अनुसार, अजवाइन से मच्छर दूर रहते हैं। जिन जगहों पर मच्छर अधिक लगते हैं, वहां पर अजवायन छिड़क दें या अजवायन का पाउडर डाल दें।

गेंदा-

गेंदे के फूल की सुगंध न सिर्फ आपको ताजगी से भर देती है बल्कि मच्छर भी दूर भगाती है। गेंदे का पौधा न सिर्फ अपने बगीचे में रखें बल्कि बालकनी में भी इन्हें लगाएं जिससे शाम के समय मच्छर घर में न घुसें।

लहसुन-

लहसुन की कच्ची कलियां चबाने से भी मच्छर दूर रहते हैं। ये छोटे घरेलु उपाय आपको डेंगू से बचाने के लिए मदत कर सकते हैं.

ज़मीन पर सोने के फायदे जानकर बिस्तर पर सोना छोड़ देंगे आप, जरूर पढ़े